NBT: टैक्स भरने में सक्षम नहीं हैं करोड़पति नेता!
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ये नेता है जिन्हे तुम पूजते हो, इतना अकूत संपत्ति का मालिक होने के बाद भी ये हमारे जेब से टैक्स भरते हैं, तुम तो इन्हे भगवान की तरह पूजते हो तो जवाब भी देना। हम भारतीयों की विवेक और बुद्धि दोनों मारी गई है इन नताओं के चाटुकारिता में, ये अपने अपने तरीके से लूटने के मकसद से संविधान में बदलाव करते हैं, एक परिवर्तन आम लोगों के हित में लिया गया हो बता दो, गरीब आज भी गरीब होता जा रहा है और अमीर अमीर होता जा रहा है, मैंने सुना है भगवान अपने भक्तों से कभी दगा नहीं देता लेकिन ये नेता जिन्हें तुम भगवान मानते हो जो वास्तव में राक्षस है, जो इस देश के बर्बादी का कारण है, ये वही भगवान है तुम्हारा जो :
1. बलात्कार पे ये बयान देता है कि लड़के हैं गलतियां हो जाया करता है।
2. एक नेता बोलता है दूसरे नेत्री के बारे में की इसके अंडरवियर का क्या कलर है, आप लोगों ने 10 साल जिनसे अपना प्रतिनिधित्व कराया, उसकी असलियत समझने में आपको 17 साल लगे, मैं 17 दिन में पहचान गया कि इनके नीचे का अंडरवियर खाकी रंग का है.
3. 'वाह क्या गर्लफ़्रेंड है. आपने कभी देखी है 50 करोड़ की गर्लफ़्रेंड?''
4. हाथ में मोमबत्ती जला कर सड़कों पर आना फ़ैशन बन गया है. ये सजी संवरी महिलाएं पहले डिस्कोथेक में गईं और फिर इस गैंगरेप के ख़िलाफ़ विरोध दिखाने इंडिया गेट पर पहुंची.
5.प्रताड़ित महिलाओं को शायद न्याय नहीं मिलेगा क्योंकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बलात्कार की कीमत तय की हुई है.
ना जाने और भी कई सारे बयान इन नेताओं ने दिया है, अपने आकाओं से पूछना अपने आपको पूछना जिस हिसाब से ये राजनीति में भाषा का इस्तेमाल करता है, कितना जायज है। अभी तक के इतिहास में ये 5 बयान नहीं और भी विवादित बयान आते रहे जो अकल्पनीय और अशोभनीय है। इन विवादों के बीच एक दूसरे को बचाने की होड़ मचती है, हरेक राजनीतिक दल में समान रूप से बलात्कारी, लुटेरा, लोभी, हत्यारा, अपहरणकर्ता भरा पड़ा है परन्तु आपको चटनी है, एक नेता द्वारा एक 16 साल की बच्ची को प्रताड़ित किया जाता है फिर एक एक कर के उसके परिवार वालों को मार दिया जाता है, किसी एक नेताओं के बेटियों के साथ बलात्कार हुआ हो बता दो, क्युकी जो तकलीफ सहनी है वो सिर्फ देश का आम आदमी सहेगा, नेता सिर्फ राज करेगा और देश को भोग का वस्तु समझ उपभोग करेगा, लेकिन तुमलोग चाटना इनलोगो की।
कमोबेश देश में समान माहौल है बदहाली का खस्ताहालत का परन्तु हम चाटेंगे चाहे हमारे देश में बिजली पर्याप्त ना हो, आयात ज्यादा हो निर्यात काम हो, गंदा और बदबूदार वातावरण हो, विदेशों से भीख मांगना पड़े, किसान आत्महत्या करता रहे, भुखमरी बढ़ती रहे, बेरोजगार युवा भटकता रहे, फसल बर्बाद होता रहे, उद्योग घटता रहे, हथियार तकनीक और युद्ध सामग्री बाहर देशों से मंगवाते रहें, अस्पताल में गरीबी अमीरी के आधार पर चिकित्सा हो, शिक्षा जो अंधेरे में ले जाए, आरक्षण के वजह से समाज में खाई बढ़ता रहे,रेपिस्ट नेता को मंत्रिमंडल मिले, डकैत नेता को अच्छा अवसर मिले लूटने का, घोटाले वाला नेता आइएएस को पब्लिक के सामने जलील करता रहे, चोर नेता सीनाजोरी करे सरेआम, मलेरिया डेंगू का दौर चलता रहे और आप चाटो।
जिस व्यक्ति को भारत के इतिहास का कुछ नहीं पता वो इस देश का चर्चित नेता बन जाता है और एक दल के मुख्यमंत्री का उम्मीदवार।
यहां आठवीं फेल उपमुख्यमंत्री और दसवीं पास स्वास्थ्य मंत्री बन जाता है जिसके अंदर काम करता है : सालों के मेहनत से बना कलक्टर/डॉक्टर/ अधिकारी।
यहां इतने हमले और जाने जाती है परन्तु वह नेताओं का नाम नहीं आता।
मुंबई में सात सिलसिलेवार हमला कई गरीबों की जान गई, परन्तु याद या केंडल जलाया जाता है सिर्फ अमीर के याद में जो नरीमन प्वाइंट में मारे गए, क्युकी गरीब को कौन याद रखता है??
नेता सत्ता सुख के लिए किसी भी दल में जा सकता है और कोई भी संविधान परिवर्तन कर सकता है स्वयं के लिए।
जो कोई आवाज़ उठाएं वो रातों रात गायब हो जाय करता है इस देश में।
यहां राजा के रूप में नेता महलों में वास करता है और गरीब बेघर जमीन पे या झोपड़ी में।
देश के 2 प्रतिशत लोगों के पास देश का 98% प्रतिशत संपत्ति है।
हर साल 9 हज़ार भारतीय देश छोड़ विदेश बसते जा रहे हैं, क्युकी उन्हें लगता है उनकी भविष्य सुरक्षित नही है।
युवाओं में रोष बढ़ रहा है परन्तु किसको पड़ी है, दिशा भटक गए किसको पड़ी है।
क्रांतिकारी और वीर सपूतों को भूल चोर नेताओं का याद किया जाना, किया जाना, बहुत खलता है।
अरबों डालर गए ये भेड़िए, खरबों स्विस बैंक में है परन्तु खुलासा नी करेंगे क्युकी जिनकी करेंगे उनकी तो है ही और जो करेंगे उनकी भी तो है।
ये भेड़िए सौदा करते हैं, की आप आओ हमारे देश में अपना व्यापार बढ़ाओ परन्तु एंट्री फीस इतने अरब दौलत देने होंगे, इतना हथियार खरीदनी है परन्तु इतने खराब डॉलर कमीसन देने होंगे, टेलीकॉम कंपनी लगानी है आओ स्वागत है परन्तु इतने डॉलर घुस देने होंगे सोरी घुस नहीं उपहार के तौर पे।
ये अपने बेटे बेटियों को विदेश में पढ़ाएंगे परन्तु भाषा और राज्य के नाम पे आपस में आम लोगों को लड़ाएंगे।
ये मराठी, तमिल, तेलुगु, मलयाली, भोजपुरी, अवधि आदि अन्य भाषाओं के नाम पर लड़ाएंगे और इंग्लिश का पुरजोर विरोध करेंगे परन्तु खुद ऑक्सफोर्ड कैम्ब्रिज से पढ़े होते हैं।
भारत का हरेक शहर कमोबेश 30 मिनट का बारिश नहीं झेल सकता, क्युकी उस शहर का नीव उनके भ्रष्टाचारों पे खड़ा है, परन्तु आप चाटो।
आपको अग्रणी देश बनते देखना है तो क्या ये चोर नेता पूरा करेंगे आपकी ख्वाहिश, यह देश युवा है, इस देश को उन युवाओं की जरूरत है जो देश को एक क्रांति के द्वारा आगे ले जाए। जब तक इस देश के युवा नेताओं को नपुंसक बन चाटते रहेंगे, मुक दर्शक बन देखते रहेंगे, ये देश लूटता रहेगा, यहां बलात्कार, चोरी डकैती, घूसखोरी, अपहरण, मौत का नंगा तांडव चलता रहेगा। इतने पढ़े लिखे युवा भी एक अदना सा नेता को अपना भगवान मान बैठा है, नतमस्तक है, शायद यही वजह है कि नेताओं ने अपने तरीके से देश को नींबू की तरह निचोड़ा है, अपने स्वार्थ हित में।
बेहतर कल की आस में एक भारतीय।