प्यारे देशवासियों मुद्दत से आज समय मिला कश्मीर के मुद्दे पे कुछ लिखने को, अपने विचार शेयर करने से पहले ये बताना चाहता हूँ की मै किसी भी भारतीय राजनीतिक दल को सपोर्ट नहीं करता, ना हीं मेरे विचार उन दलों के विचार से मेल खाता है|
भारत मे जिस किसी भी दल की सरकार आई उन सबने अपने हिसाब इस भारत भूमि को लूटा है, ये पर्याप्त कारण है मेरे नफरत का, इन राजनेताओ के लिये|
अब बात करते हैं कश्मीर की : मैं नेहरू से ले के मोदी किसी भी राजनेता को पसंद नहीं करता लेकिन 370 और 35A का हटाया जाना स्वागात योग्य और राजनीती से पड़े देशहित में लिया गया फैसला जान पड़ता है, यूँ तो अपने देश को बाहर से कम वरन अपने देश के अंदर ही ज्यादा खतरा है, ये वही लोग हैं जो अपने आपको पढ़े लिखे और Intellectual समझते हैं, जो पलते हैं भारतवर्ष के पैसों पर, पर गाते हैं और जहां की, देशवासियो ये वही लोग हैं जो 1947 से अभी तक देश लूटता रहा है लेकिन य़े चुप रहे, जिनकी विचारधारा किसी विषेश दल के लिए है, मैं उन Lieberal से पूछना चाहता हूँ, तुम कहा थे? जब कश्मीर को जन्नत से ज़हननुम बना दिया जा रहा था, बारी-बारी से, सस्पष्ट रुप से सार्वाविदित हो की कश्मीर को लूटा गया निचोडा गया वहां के 3 मुख्य रजनितिक दल द्वारा जो कांग्रेस, NC और PDP रहा. दोस्तो भाजपा भी कोई दूध की धूली Party नहीं है इसने भी आतंकवाद और अलगववादी रूपी दल PDP और NC के साथ सरकार बानाया और समय के साथ सत्ता का सुख भोगा | दोस्तो 370 और 35A के बाद कुछ लोगो की जल रही है खास कर के कांग्रेस की, इस एतिहासिक निर्णय से कांग्रेस की चाल और चारित्र ऊजागार हो चुका है, कांग्रेस के नेताओं द्वारा दिया गया बयान काफी है की कांग्रेस चाहता था कश्मीर मुद्दा लटका रहे और नेताओं की लूटमारी और सत्ता का खेल सदियों तक चलता रहे, शायद यही वजह था की नेहरू ने कश्मीर को एक समस्या बना कर छोड़ दिया ताकि सदियों तक इनके नेता अपने हिसाब से कश्मीर का बेडा गर्क करते रहे और इस समस्या का ही देन है आतंकवाद, अलगववाद और युवाओं मे बढ़ती बेरोजगारी ; 370 और 35A से कितना लभान्वित हुआ नेता लोग या कश्मीर के लोग ये आपको भालिभांती पता होगा|
इस देश को सिरमोर बानाना है तो आप युवाओं को आगे आना होगा समझना होगा की क्या हम भारवाशी सिर्फ लूटने के लिए नही बने हैं, आज भी देश में गारीबी विद्यामान है, भुखमरी से मौतें होती जा रही है , युवा बेरोजगार है, कुछ बढे ना बढे जनसंख्या दिनानुदिन बढता जा रहा है, किसान आत्महत्या को मजबूर है, आज भी आधुनिक हथियार दुसरे देशों से खरीदने को बाध्या हैं, आधुनिक चिकत्सा आज भी आम लोगो के पहुँच से बाहर है, शिक्षा का स्तर गिरा हुआ है, रोजगारपरक शिक्षा का अभाव नीरंतर बढता जा रहा है, प्रांतिय परंतु स्वार्थ की राजनीति का होना देश के विकास मे बाधक है परंतु दशकों से जारी है, भ्राष्टाचार मे देश के नेताओं, पुलिस और सरकारी अधिकारिओं द्वारा नित नया-नया ईबारत /अध्याय लिखा जा रहा है, एक भी Nobel Prize Winner देश मे नहीं विदेश में जा बसे कारण स्पष्ट है उनको भारत मे संभवानायें दुसरे देश के बनिस्पत नहीं दिखता, दोस्तो राजनेताओं ने हमारे देश को लूटने के अलावे किया क्या है, आज भी देश की आर्थिक राजधानी मुंबई बारिश से ड़ूब जाती है, कौन ज़िम्मेदार है इसका क्या वहां कोई सरकार है, क्या बजट मिलता है या पास होता है ? क्या ग्रांट नहीं आता मुंबई के लिए? भाजपा और शिवसेना की सरकार है वहां नगर निगम और राज्य में | सब होता है जी बस इन नेताओं को कुछ करना नहीं है देश को लूटने और अपने घर भरने के शिवाय| मैं आपसे एक सवाल पुछता हूँ की "Main Stream Politicians" कौन होता है ?? मैं बाताता हूँ आपको जी जो हमें दसकों तक लूटा हो जिस नेताओं ने हमारे देश की प्रकृतिक सम्पदा और सरकारी सुविधाओं को अपने स्वार्थ के लिए दुरूपयोग किया हो, आज भी पब्लिक मर रही है परंतु नेताओं की तरक्की अनवरत जारी है , एक Congressi मन्दबुधि नेता राहुल गांधी का बयान आता है (और भी नेताओं के द्वारा भी ऐसा बोला गया) की Main Stream Politicians को जेल मे रखा गया, ये लोकतंत्र का हनन है! मैं आप से पूछना चाहता हूँ जब ये लोग सरकार-सरकार खेल रहे थे तब देश को लूटने के लिए तब कहाँ गया इनका नितागीरी| दोस्तो नेताओं ने देश को लूटने के लिए अपने तारिके से राजनीती को इस्तेमाल किया है ये आप देशवाशी कब समझोगे?? 370 और 35A के बाद कांग्रेस और अन्य दल जो 370 और 35A को सपोर्ट कर रहे थे; की सोच, विचारधारा, चाल और चारित्र ऊजागार हो चुका है, शर्म आती है आज उनलोगो पे मुझे जो लोग दशको तक इन पर्टियों को पूजते आएे और इसके नेताओं को भगवान के तरह पूजा, वे लोग इस देश के बर्बादी का ज़िम्मेदार हैं, जो देश के नेताओं को भगवान की तरह पूजते हैं बजाय देश को पूजने के| इस देश के युवा को क्या हुआ जो देश को नहीं नेताओं को पूजना पसंद करते हैं, ये युवा य़ा तो भटक गए य़ा नेताओं के चिकनी-चुपडी बातों मे आकर सर्वस्वा भूल चुके |
देशहित मे देश के लिए युवाओं को आगे आना ही होगा अपने वीर सपूतों के याद को सिने मे रख देश के लिए कुछ करना ही होगा, मेरा कलम चल पडा है और यूँ चलता रहेगा | एक नयी क्रांती के आस मे और बेहतर कल के लिये, आपका साथी😊
👌जय हिन्द 🇮🇳जय भारत 👍जय युवा 🙏
सौजन्य से: भारत का एक अभिन्न अंग- एक युवा

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