👌आप सभी देश वासियों और उन सभी महानुभावों को भी जो विदेश प्रवास कर रहे हैं: 😍हिंदी दिवस की 🎉शुभकामनाएं🎊
इस संदेश के साथ आपको एक सवाल पे छोड़े जा रहा हूं..क्या हिंदी सर्वसम्मत भाषा बन पाई है?? नहीं बन पाई है तो क्यों नहीं??
आज ये विषय को जानने की जरूरत है क्युकी जिस देश में हम रहते हैं वहां की खूबी रंग, वर्णों, संस्कृति, सामाजिक व्यवस्था के मिश्रण रूपी अनेकता में एकता को दर्शाती है।
संविधान ने भारत के हरेक नागरिक को समान अधिकार दिया है चाहे वह किसी भी क्षेत्र या वर्ण का हो।
दोस्तो क्या विडंबना है हमारे देश में की नेता कहीं भी राजनीती करने से बाज नहीं आता, जब हिंदी को सर्वसम्मत भाषा के रूप में स्वीकारने की बात आती है तो कमोबेश क्षेत्रीय नेता रुकावट पैदा करते हैं ताकि उनकी राजनीति की दुकान चलती रहे, वो खुद अंग्रेजी माध्यम से ऑक्सफोर्ड या कैम्ब्रिज में पढ़े होते हैं परन्तु राजनीतिक स्वार्थ के लिए वो अन्य भाषा को स्वीकारना नहीं चाहते।
मै आपसे पूछता हूं, क्या किसी देश से प्रेम करने वाले को ये दिखनी चाहिए कि देश हित में क्या उचित है या इन सबसे पड़े होकर स्वार्थ की राजनीति करना, देश का एक एक राज्य राजनेताओं के गिरफ्त में है, वे जिस भी दिशा में ले जाना चाहते हैं ले जाते हैं, वे चाहें तो हिंदी को सर्वमान्य भाषा मान देश के तरक्की में योगदान दे सकते हैं,परन्तु नहीं ऐसे नेताओं का राजनीतिक दुकान जो हट जाएगा फिर सत्ता का सुख भी तो कोई चीज होती है।
यदि देश के हरेक जनता नेताओ को भगवान की तरह पूजना बंद कर दें तो हमारा देश स्वाबलंबी और सुबल बन पाएगा नहीं तो यूं ही हम हरेक बाहरी देश से हरेक चीज खरीदेंगे या भीख मांगेंगे और आम जन मुक दर्शक बन सबकुछ चुप-चाप सहते और देखते रहेंगे।
यदि आज भी आजादी के 72 साल बाद भी हिंदी एकमत भाषा नहीं बन पाया है उसका सरल उत्तर है राजनीतिक विद्वेष और राजनीति में सत्ता लोलुपता, यदि सच में देश के नेता इस देश को प्यार करते तो राजनीति नहीं कर हिंदी को राष्ट्रीय भाषा बना देश को और तरक्की की राह पे ले जा रहे होते, क्षेत्रीय भषाओं की गरिमा अलग है वे नेता बिना राजनीति किए भी अपनी भाषा को बढ़ावा दे सकते हैं, परन्तु देश की किसको फिकर है, हमारे देश के जनता को राजनेताओं की चटनी है, चापलूसी करनी है, चाहे देश बर्बाद हो रहा हो।
# जागो #एक नए भारत की कल्पना #भारत की बात #स्वीकार्य और सुबल भारत #एक भारत # Young India #Salutation2Our Martyrs #Sallutatuon 2our Farmers & Armies #Shoes4EveryPoliticiansOfIndia

No comments:
Post a Comment